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मोटापे की वजह जानने पहुंची थी हॉस्पिटल , पता चला 6 महीने की है प्रेग्नेंट




महाराष्ट्र में एक 7वीं क्लास में पढ़ने वाली बच्ची को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बेटी के तेजी से बढ़ते वजन की वजह से परेशान माता-पिता उसे डॉक्टर के पास ले गए।

जहां उन्हें पता चला कि उनकी बेटी का वजन थायरॉइड की वजह से नहीं बल्कि प्रेग्नेंट होने की वजह से बढ़ रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची 6 महीने से प्रेग्नेंट है।

प्रेग्नेंसी की खबर सुनने के बाद से किशोरी किसी से बात नहीं कर रही है। उसने पुलिस को किसी तरह के यौन शोषण की बात नहीं बताई है। किशोरी और उसके माता-पिता को प्रेग्नेंसी के बारे में एक स्थानीय डॉक्टर के जांच के बाद पता चला, जब वे मोटापे का कारण जानने वहां पहुंचे थे।

अल्ट्रासाउंड में पता चला कि किशोरी 27 हफ्ते की प्रेग्नेंट है। बुधवार को किशोरी के परिवार ने डॉ. निखिल डातार से मदद की अपील की, जो 20 हफ्तों से ज्यादा की प्रेग्नेंसी के कई मामले सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाने में मदद कर चुके हैं।

उन्होंने दिंडोशी पुलिस से कहा कि पॉक्सो ऐक्ट के तहत नाबालिग की प्रेग्नेंसी का हर मामला यौन शोषण की श्रेणी में आता है। बाद में चारकोप पुलिस ने पॉक्सो ऐक्ट और आईपीसी की धाराओं के तहत अज्ञात के खिलाफ यौन शोषण का केस दर्ज कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता सदमे में है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'उसने हमें यह नहीं बताया है कि यौन शोषण का जिम्मेदार कौन है।' अधिकारी ने बताया, 'हमारे अफसर किशोरी से मिलने के लिए अस्पताल गए थे।

उसकी मां ने एफआईआर दर्ज कराई है और हमने उनका बयान दर्ज किया है।' किशोरी को विस्तृत जांच के लिए जेजे ऑस्पिटल रेफर कर दिया गया है। आपको बता दें कि महज दो हफ्ते पहले सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ की 10 साल की लड़की के गर्भपात की इजाजत नही दी थी।

वहीं, गुरुवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने पुणे की एक महिला को 24 हफ्ते का गर्भपात कराने की इजाजत दे दी। कोर्ट ने यह इजाजत इसलिए दी क्योंकि गर्भ के शिशु का दिल ठीक से काम नहीं कर रहा था। डॉक्टरों का कहना था कि अगर बच्चे का जन्म होता है तो उसके कई ऑपरेशन करने पड़ेंगे।

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